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माटी के कोट पसान को ताला, सोइ एक बन सोइ रखवाला। (Kabeer Ramaini -12 )

कबीर इस बारहवीं रमैनी में माया -मोह, मन का राग रंग सबको  त्यागने की बात प्रतीकात्मक  ढ़ंग से कहते हैं। देखिये कुछ बानगियाँ : माटी के कोट पसान को  ताला, सोइ एक बन सोइ रखवाला।  शब्दार्थ :पसान (पाषाण ),कोट (किला ) कबीर कहते हैं यह शरीर तो वैसे ही जड़ है जड़ तत्वों का जमा जोड़ है हवा पानी  मिट्टी, आकाश और आग का ही तो  इकठ्ठ है।इस पर जड़ पाषाण का ताला मत जड़। अपनी विवेक बुद्धि को पहचान अन्वेषण कर हित , अहित का। यह जड़ बुद्धि ही माया है। इस अविद्या ,माया के राग रंग रूप से तू मुक्त हो।   सो बन देखत जीव  डिराना, ब्राह्मण वैष्णव एक ही जाना। बन (माया का जंगल ),ब्रह्मण -  वैष्णव(कर्म कांड के धंधे बाज़ ) यह माया का जंगल माया का कुनबा तूने ही रचा है। यह तो जाना ही जाना है यह शरीर भी जाना ही जाना है बुढ़ापे से रोग से छीजना ही छीजना है। इससे क्यों भयभीत होता है यह तेरा निज स्वरूप नहीं है तेरा निज स्वरूप न कहीं  जाता है न कहीं से आता है तेरे ही साथ रहता है। लेकिन उस पर माया रुपी जंगल हावी ...

बहु उपयोगी है लक्ष्मण फल (Guabana Or Soursop fruit )

बहु उपयोगी है लक्ष्मण फल (Guabana Or Soursop fruit ) कुल्लू और मनाली (भारत में दोनों स्थान हैं ,हिमाचल प्रदेश में।)के बीच सड़क यात्रा के दौरान एक मर्तबा हमने 'रामफल' तो खाया था लेकिन इस बात का हमें  इल्म नहीं था के इसका छोटा भाई 'लक्ष्मण -फल' भी मौजूद है जिसे 'हनुमान -फल' भी कहा जाता है गुआबाना (Guabana )तथा सौर्सोप (सऊरसोप ,सौर्सोप ,Soursop ) )भी। खोजबीन करने पर इल्म हुआ यह एक उष्णकटिबंधी फल है।जो भारत के अलावा ,इंडोनेशिया ,मलेशिया आदिक देशों के आलावा मेक्सिको ,दक्षिणी अमरीका ,कैरिबीआइ आदिक देशों में भी पैदा होता है। अफ्रिका तो इसका गढ़मुक्तेश्वर रहा है जहां की गर्मजलवायु में अतरिक्त गर्मी से बचने के लिए इसकी खूबसूरत चमकीली मोटी पत्तियों का इस्तेमाल नहाने के पानी में भी किया जाता है। 'घोड़े बेचकर सोने के लिए 'भी वहां कई प्रजातियां इसका इस्तेमाल   सिरहाने के ठीक नीचे रखके करते हैं।  जख्म होने पर इसकी पत्तियां कूटपीसकर मरहम  के रूप में लगा लेते हैं।  'आम के आम गुठलियों के दाम '  मुहावरे का गहन गूढ़ अर्थ इसके गुणधर्मों ...

करपात्री का श्राप भी शहज़ादे के साथ , संतों पर करते रहे इसी रीति तुम घात

सेवा ग्राम वर्धा में सेल्फ सर्विस है। यहां खाने के बाद अपनी प्लेट धोना एक नियम है धन्य है भारतीय चैनलइये इसे भी एक बड़ी  खबर बना दिया युवराज की।नेहरू पंथी कांग्रेस की करतूतें छिपाए नहीं छिपेंगी । पीछा करेंगी।  कांग्रेस मुक्त भारत से मतलब नेहरू पंथी कांग्रेस मुक्त भारत से है। गांधी सुभाष ,पटेल तिलक की कांग्रेस से नहीं प्रखर आभामंडल डॉ. कर्ण सिंह वाली कांग्रेस से नहीं है :  वर्धा में धोते दिखे राहुल अपनी प्लेट , गन्दी जितनी भी रही साफ़ करो अब स्लेट।  भोले को सीधा किया साधा अपना काम , राधे -राधे भी कहो भज  लो हरी का नाम।  करो प्रायश्चित पाप का ,बाइबिल के अनुरूप , जयेन्द्र सरस्वती को लिखो माफीनामा भूप।  अम्मा ने तेरी किया जिनपे अत्याचार , अब तो बनने से रही उन्नीस में  सरकार।  करपात्री का श्राप भी शहज़ादे के साथ , संतों पर करते रहे इसी रीति तुम घात।  बाबा को पहना दई  कल जिसने सलवार , अब तो बन ने से रही फिर उसकी सरकार।  करपात्री जी महाराज की आँख में ध...