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कुँवारी हो या ब्याही कन्याएं सौम्य लिबास में ही लिबास की शोभा बढ़ाती हैं । बदन दर्शना अनेक सुराखों वाली जींस पहन के नहीं।सुराखों के पार बदन रोशन होता है भला कवच में भी सुराख होते हैं क्या ?




माला ,जटा ,शिखा ,कमंडलु ये तपस्वी का भेष है भगवान् राम भी गहन वन का रुख करते समय जटा बना लेते हैं एक ख़ास वृक्ष के क्षीर से। वाल्मीकि और तुलसी दोनों ने अपनी कृतियों में इसका वर्णन किया है रामायण और रामचरितमानस  में। 

वेश तपस्वी का कवच है वह उसे कोई भी अपराध करने से बचा लेता हैं।राम तो अयोध्या की  मिट्टी भी एक पोटली में साथ लिए रहते हैं। सिरहाना बनाते हैं उसका ताकि उन्हें याद रहे वे सत्य नगरी अयोध्या से हैं कोई ऐसा वैसा काम न करें जिससे  रघुकुल पे आंच आये। 

 कथा कहनी है तो धोती पहन लो वही शोभती है कथा वाचक को। धोती पहने हुए कोई पंडित जी पूर्व जन्म के संस्कारवश यदि शराब की दूकान पर पहुँच जाए तो वहां खड़े लोग यही कहेंगे अरे महाराज आप कहाँ आ गए। 

क्लास में व्याख्याता को पद के अनुरूप शालीन लिबास  ही शोभता है। वकील और जज का सैनिक का अपना लिबास है। 

सड़ा गला खाद्य दुकानदार किसी वेषधारी स्वामी को नहीं देगा ये कहकर के स्वामीजी ये आपके मतलब का नहीं है। 

वेश का अपना महत्व है। कोई पतिव्रता स्त्री यदि सुहाग के चिन्ह धारण न करे ,बिंदी न  लगाए  सिंदूर का प्रयोग न करे और कहे मैं मन से पतिव्रता हूँ तो समाज को यह पचेगा नहीं। अच्छा नहीं लगेगा। 

भले साधना  श्रद्धा मन का ,भाव का विषय है लेकिन वेश का अपना महत्व है। लोग कबीर का उद्धरण देते हैं कबीर ने  माला छोड़ दी थी यह कहके -

माला फेरत जग मुआ ,गया न मन का फेर ,

हाथ का मनका फेंक दे ,मन का मनका फेर। 

लेकिन लोग यह नहीं जानते जब कबीर ने माला फेंक दी तो  माला ने कबीर से क्या कहा -

माला बोली -

माला कहत कबीर से ,तू मत छाड़े मोय ,

बिना शस्त्र के शूरमा लड़त न देखा कोय। 

सीमा पे आप सैनकों  को बिना संगीनों के अस्त्र शस्त्र के राइफल्स के भेज के देख लो। कवच हैं  शस्त्र सैनिक के वैसे ही वेश हमारा कवच है। पहचान है आईडी है। आधारकार्ड है। 

कुँवारी हो या ब्याही कन्याएं सौम्य  लिबास में ही लिबास की शोभा बढ़ाती हैं । बदन दर्शना  अनेक सुराखों वाली जींस पहन के नहीं।सुराखों के पार बदन रोशन होता है भला कवच में भी सुराख होते हैं क्या ?

हमारा मकसद यहां किसी को निशाने पे लेना नहीं है वेष -भूषा के महत्व को प्रकाश में लाना है। 

https://www.youtube.com/watch?v=CtYqlMgUucQ
25 मई 2016 - SwamiRaghavacharya ने अपलोड किया
Ram Katha Day 7 Part 2 by Jagadguru Swami Raghavacharya ji Maharaj.

https://www.youtube.com/watch?v=CtYqlMgUucQ

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